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Showing posts from October, 2024

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भारत का चुनावी ढांचा: SIR विवाद, EVM बनाम बैलेट पेपर और बायोमेट्रिक-आधारित पारदर्शी समाधान

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## 1. मुख्य बिंदु और पृष्ठभूमि (Executive Summary) * **SIR की पृष्ठभूमि:** भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान चुनाव आयोग द्वारा 'विशेष सघन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision - SIR) अभियान चलाया गया। * **विवाद की वजह:** इस अभियान के तहत मतदाता सूचियों के गहन सत्यापन के लिए नागरिकों से वर्ष 2002-2004 तक के पुराने दस्तावेज़ मांगे गए और बड़े पैमाने पर नोटिस जारी किए गए। * **जनता की समस्या:** बाढ़, दंगे, पलायन, अनपढ़ता और पुराने वोटर कार्डों में मौजूद स्पेलिंग/उम्र की गलतियों के कारण 20-25 साल पुराने रिकॉर्ड देना आम नागरिकों के लिए अत्यंत कठिन और डरावना साबित हो रहा है। * **मूल प्रश्न:** जब देश में आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, बायोमेट्रिक्स और सर्वव्यापी पहचान डेटाबेस मौजूद हैं, तो कागजी सत्यापन और पुराने रिकॉर्ड्स के झंझट की क्या वास्तव में आवश्यकता है? --- ## 2. वर्तमान SIR प्रणाली की व्यावहारिक समस्याएँ ### क) पुराने दस्तावेज़ों और रिकॉर्ड्स का संकट * **22-25 साल का अंतराल:** 2002 के रिकॉर्ड खंगालना व्यावहारिक नहीं है। बाढ़, आग, प्राकृतिक आप...

तुम ने इस्लाम कबूला है या कोई जुर्म?

क्या तुम ने डाकुओं की फिल्में देखी हैं? दगड़-दगड़ घोड़े दौड़ रहे हैं. पीठ पर डाकू बैठे हैं. लेकिन मुंह पर कपड़ा भी बाँधे हैं. क्यों? ताकि पहचान में न आ सकें. इस्लाम गिरोह की तरह काम करता है. इस में पर्दे का बहुत रिवाज़ है. औरतों के मुंह छुपाये जाते हैं. बस आँखें छोड़ सब ढक दो. वो भी देखने के लिए खुली रहनी ज़रूरी हैं, नहीं तो वो भी ढक देते. ISIS याद है. सीरिया तहस-नहस हुआ था. फोटो देखे होंगे. उन्ही दिनों ये लोग कत्ले-आम मचाये हुए थे. लोगों को पिंजरे में डाल जिंदा जला दिए थे, यज़ीदी लड़कियों के लगातार बलात्कार हुए थे. कईयों की गर्दनें उतार दीं थी, कईओं को लाइन से गोलियों से भून दिया गया था. याद होगा, वीडियो मिल जाएंगे यूट्यूब पर देख लेना. नोट करने की बात यह थी कि जो लोग यह सब कर रहे थे, उन्होंने अपने चेहरे छुपा रखे थे. भई, इतना ही शुभ काम कर रहे हो तो, पर्दे के पीछे काहे छुप रहे हो? मुस्लिम सिर्फ कपड़े के पीछे ही नहीं छुपते, नाम भी छुपाते हैं. दिलीप कुमार, मधु बाला, अजीत और न जाने कितने ही एक्टर रहे हैं हिंदी फिल्मों में जो असल में मुस्लिम थे लेकिन हिन्दू नामों के पीछे छुप गए. आज भी योगी ने जब अप...

क्या भारत कोई राष्ट्र था? क्या हिन्दू/सनातन कोई धर्म है?

यहाँ इस भूमि पर, जिसे अब "भारत" कहा जाता है, अनेक राजा थे. वे लड़ते रहते थे. यह कहना गलत है कि वे "आपस" में लड़ रहे थे चूँकि आपस वाली कोई बात नहीं थी. हर राज्य अपने आप में देश था. यही उनकी दुनिया थी. मिसाल के लिए देखिए. एक राष्ट्र रहा होगा. छोटा. फिर उस से कुछ बड़ा कोई राज्य बना होगा जो "महाराष्ट्र" बन गया. महाराष्ट्र जो आज भारत का सिर्फ एक स्टेट है. आज भारत को हम राष्ट्र कहते हैं. राष्ट्र में महाराष्ट्र. छोटे डब्बे में बड़ा डब्बा. है न हैरानी की बात! मतलब यह है कि किसी जमाने में कोई छोटा सा नगर ही अपने आप में राष्ट्र माना जाता रहा होगा. महाराष्ट्र का नाम यदि "म्हार राष्ट्र" से बना मान भी लिया जाये तो भी मेरा क्लेम पुख्ता होता है. कैसे? म्हार राष्ट्र ही म्हार लोगों के लिए एक राष्ट्र था. और यही तो मैंने कहा है कि भारत नाम से कोई राष्ट्र कभी नहीं रहा. और यह "भारत" नाम राजा "भरत" के नाम पर है, यह भी एक भ्रान्ति है. प्रत्येक राज्य/रियासत का अपना नाम होता था....अपना राजकुमार/राजा। जितना इतिहास हम जानते हैं, उसमें केवल अशोक के पास ही...