दिल्ली की सड़कों की मौजूदा स्थिति और जनता की परेशानियों को उजागर करती यह रिपोर्ट इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि किस तरह बिना सोचे-समझे प्रशासनिक फैसले जनता के लिए सुविधा के बजाय मुसीबत बन जाते हैं। मुख्य बिंदु एवं समस्याएं: *सड़क की चौड़ाई में कटौती*: दिल्ली की सड़कों पर पहले से ही वाहनों का भारी दबाव है और चौड़ाई कम पड़ रही है। ऐसे में सड़कों के बीचों-बीच भारी-भरकम सीमेंट के ब्लॉक लगा दिए गए हैं, जिनका निचला बेस एक से डेढ़ फीट चौड़ा है। इससे दोनों तरफ की कुल चौड़ाई लगभग दो से तीन फीट तक कम हो चुकी है, जिससे ट्रैफिक का जाम और अधिक विकट हो गया है। *अवैज्ञानिक और खतरनाक डिजाइन*: ये सीमेंट ब्लॉक्स किसी तय सीक्वेंस या सीधी लाइन में नहीं लगाए गए हैं। सड़क के हल्के उतार-चढ़ाव या घुमाव के साथ ये ब्लॉक बाहर की ओर निकले हुए दिखाई देते हैं, जो विशेषकर रात के समय या तेज रफ्तार में चल रहे दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। यह जो Mr. डॉक्टर जिंदा जल गए डिवाइडर से कार टकराने के तो ऐसा जरूरी नहीं कि डॉक्टर साहब की ही गलती हो। गलती ...