Posts

Showing posts from May, 2021

Featured post

मेरा यूटूएब चैनल - तुषार कॉस्मिक. My YouTube Channel - Tushar Cosmic

Image
Tushar   Cosmic     यह मेरा   यूट्यूब  चैनल  है.  नया है...ऑडियंस बनते-बनते बनेगी ..... आप मित्र गण  ही बनाएंगे .... यूट्यूब अपने आप कोई ऑडियंस देता नहीं है ..... खुद से बनानी होती है...... आप मित्रगण ही बना सकते हैं...बन सकते हैं ...वीडियो देखिये.....पूरा देखिये....... मेरा वादा है सीखने को मिलेगा निश्चित ही.                        https://www.youtube.com/@Tushar-Cosmic

को.रो.ना. -- कोई षड्यंत्र है क्या?

नमस्कार, मैं  तुषार कॉस्मिक कोरोना असल में है या फर्ज़ी है, इसे तय करने के दो तरीके बता रहा हूँ.  अंग्रेज़ी दवाओं के, वैक्सीन के वर्षों तक ट्रायल होते हैं, फिर बाजार में उनको उतारा जाता है. मैं और मेरे अलावा दुनिया के बहुत से लोग, अलग-अलग मुल्कों के लोग, डॉक्टर, पैथोलोजिस्ट कोरोना को फ़र्ज़ी बता चुके हैं  या इस सारी कोरोना कथा में छेद देख रहे हैं. एक तरीका है हम जैसों को संतुष्ट करने का. एक एक्सपेरिमेंट. मेरे जैसे लोगों में से 1000-2000 लोग लिए जाएं, जो न मास्क लगाएंगे, न वैक्सीन लेंगे. बस योग-व्ययाम  करेंगे,  प्राणायाम करेंगे, फल सब्ज़ियां मेवे खायेंगे, दिन में पेड़ों के नीचे खुली हवा लेंगे, सुबह की धूप लेंगे. इस के अलावा इन को प्रेरणादायक, उत्साहवर्धक किस्से, कहानियां, भाषण सुनाए जाएंगे.  देखिये तो उनमे कितने बीमार होते हैं? मरते हैं? वालंटियर मिल जाएंगे, विश्वास है मुझे. कर के तो देखिए एक तज़ुर्बा. पता लगेगा कोरोना है भी या बस डर का खेल ही है? कोरोना वाकई कुछ है या नहीं, इस बात की तह तक जाने का एक और आसान तरीका है. वो यह कि जिन भी लोगों पर मेरे जैसे तथाकथित Con...

कोरोना सच में कुछ है क्या?

एक बार राजा ने ढिंढोरा पीट दिया कि ताले खोलने वाले माहिर लोग आ जाएँ. प्रतियोगिता होगी और इनाम भी मिलेगा.  तक़रीबन कोई सौ लोग आ गए. सबको कमरों में बंद कर दिया गया और बोल दिया गया कि बाहर बड़ा ही जटिल ताला लगा है जो खोल के बाहर आ जायेगा वो जीत जाएगा. रात भर माहिर लोग सोचते रहे. लेकिन एक थोडा अनाडी किस्म का बन्दा भी था वहां जो ताले खोलना तो कुछ ख़ास नहीं जानता था लेकिन इनाम के लालच में आ गया था. ज़्यादा सोच थी ही नहीं उसके पास. उसने सोचा देखूं तो सही ताला लगा भी है कि नहीं।  वो उठा और दरवाज़ा जरा सा धकिया दिया और उसका ऐसे करते ही दरवाज़ा खुल गया. और वो कमरे से बाहर. इनाम जीत गया वो.  जब मैं स्कूल में था तो हमें सिखाया गया था कि इम्तिहान में घबराना नहीं है. हर सवाल को तीन बार पढना है. सवाल ठीक से समझना है. हल की तरफ बाद में जाना है. हमें समझाया गया कि कई बार तो  सवाल के अंदर ही जवाब छुपा हो सकता है. वो सीख मुझे आज भी याद है.  और यही सीख, यही समझ मैं आपको देना चाहता हूँ . घबराएं मत.  आप देखते हैं जेम्स बांड की फिल्में? जेम्स बांड फंसा होता है हर तरफ से और लगता है कि अ...