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मेरा यूटूएब चैनल - तुषार कॉस्मिक. My YouTube Channel - Tushar Cosmic

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Tushar   Cosmic     यह मेरा   यूट्यूब  चैनल  है.  नया है...ऑडियंस बनते-बनते बनेगी ..... आप मित्र गण  ही बनाएंगे .... यूट्यूब अपने आप कोई ऑडियंस देता नहीं है ..... खुद से बनानी होती है...... आप मित्रगण ही बना सकते हैं...बन सकते हैं ...वीडियो देखिये.....पूरा देखिये....... मेरा वादा है सीखने को मिलेगा निश्चित ही.                        https://www.youtube.com/@Tushar-Cosmic

रिश्तेदारियां

आज मैं निश्चित ही परिवार व्यवस्था के खिलाफ हूँ और भविष्य को परिवार विहीन देखता हूँ या दूसरे शब्दों में "वसुधैव कुटुम्बकम" और "विश्व बंधुत्व" की धारणाओं को साकार हुआ जाता देखता हूँ असल में "वसुधैव कुटुम्बकम" और "विश्व बंधुत्व" जैसी धारणाएं और परिवार व्यवस्था दोनों विपरीत हैं, जब तक परिवार रहेंगे तब तक विश्व एक नहीं होगा....कभी आपने सोचा हो कि दुनिया में जितनी भी दीवारें हैं, वो हैं क्यों? आपके और आपके पड़ोसी के बीच दीवार क्यों है? मात्र इसलिए कि वो अलग परिवार है, आप एक अलग परिवार हैं. लेकिन जब तक यह समझ आया शादी हो चुकी थी.....शादी हुई , तो परिवार बन गया, रिश्तेदारी बढ़ गई...........किसी का जीजा, किसी का फूफा, तो किसी का मासड बन गया अब रिश्तेदारी हुई तो निभानी भी पड़ती हैं, चयूइंग गम स्वाद हो न हो चबानी भी पड़ती हैं, ढोल हो या ढोलकी, जब गले पड़ गई तो बजानी भी पड़ती है......डिश बेमज़ा हो, बेल्ज्ज़त हो लेकिन खानी भी पड़ती है मुझे लगता था कि रिश्तेदार मात्र रस्में निभाते हैं...कोई मर गया तो जाना आना होता है.... कोई शादी हो तो शक्ल दिखाना होता...