"मेरे बाल" मेरे बालों से बहुत लोगों को बहुत शिकायत रहती है. और यह शिकायत तब और ज्यादा उभर के सामने आती है जब मेरा लेखन या मेरा कथन किसी को बिल्कुल पसंद नहीं आता. और उनकी जमी-जमाई मान्यताओं के बिल्कुल उलट खड़ा होता है। शीर्षासन कर रहा होता है. तो ऐसे में भद्र-जनों को और कुछ नहीं मिलता तो वह सीधा मेरे बालों पर अटैक करते हैं कि यह बाल मेरे सिर पर क्यों है. तो सवाल यह है कि सिर मेरा है, बाल मेरे हैं, मेरे सिर पर है, मुझे कोई दिक्कत नहीं है, दूसरों को दिक्कत क्यों होती है? कहीं ऐसा तो नहीं कि वह गंजे हैं. सोच कर बताइएगा आप सब लोग, कमेंट कीजिएगा. ~~~~~~~~~~~~~~~ मै वन्दे मातरम गा नहीं सकता, ना भाई, एक अंतरा भी नहीं। जन गण मन भी भूल चुका हूँ, बस कुछ टूटे-फुटे टुकड़े याद हैं। स्कूल के दिनों में गा लेता था जैसे बाकी सब गाते थे। तो क्या हुआ? कसम से, ये भारतीय नेता भी ना, एकदम ओवरस्मार्ट बेवकूफ हैं। फालतू की बातों का बतंगड़ बनाते हैं। देश का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने के लिए। इन गानों या anthems को लेकर एक-दूसरे पर इल्जाम लगाते रहते हैं। भला कोई ये कैसे तय कर सकता है कि मैं इस समाज ...