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मेरा यूटूएब चैनल - तुषार कॉस्मिक. My YouTube Channel - Tushar Cosmic

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Tushar   Cosmic     यह मेरा   यूट्यूब  चैनल  है.  नया है...ऑडियंस बनते-बनते बनेगी ..... आप मित्र गण  ही बनाएंगे .... यूट्यूब अपने आप कोई ऑडियंस देता नहीं है ..... खुद से बनानी होती है...... आप मित्रगण ही बना सकते हैं...बन सकते हैं ...वीडियो देखिये.....पूरा देखिये....... मेरा वादा है सीखने को मिलेगा निश्चित ही.                        https://www.youtube.com/@Tushar-Cosmic

गणेश विसर्जन का मतलब

कुछ साल पहले मैंने एक आर्टिकल लिखा था-- “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू मुड़ न आ”, वो विरोध था अंध-विश्वास का, अंधे हो कर विश्वास करने का. बिना क्रिया-कारण समझे. इस तरह का विश्वास खतरनाक है. यूँ तो कोई भी, कैसे भी हांक लेगा और आप हंक जायेंगे. सो उसका तो आज भी विरोध है. और आज  भी अधिकांश लोग तो यह सब ‘गणेश स्थापना’ और फिर ‘विसर्जना’ अंधे होकर ही करते हैं. बिना कोई क्रिया-कारण/ कॉज एंड इफ़ेक्ट समझे. मैंने कुछ मतलब निकलने की कोशिश की है, इस सारे क्रिया-कलाप का.  अलग-अलग धारणाएं हैं इस विषय में, कुछ कहते हैं कि यह व्यर्थ है, कुछ कहते हैं, इसमें गहन अर्थ है. पोंगा पंडताई से जुड़ा है मामला. पंडितों के हांके किस्सा-कहानियों के समर्थन में खड़ा होता एक फ़िज़ूल का करतब. है भी. हम वाकई बचकानी कहानियों में यकीन कर रहे हैं. शायद हमारा मानसिक विकास बंदरों और हाथियों से ऊपर नहीं उठा है. तभी तो हम उन्हें पूज रहे हैं. किसी बन्दर या हाथी को देखा आपने कि वो इन्सान को पूज रहा हो? वो हमसे ज़्यादा समझदार है, उसे पता है कि हम पूजे जाने के काबिल ही नहीं हैं. खैर, अगर किस्सागोई और पोंगा-पंडताई क...