शेर झुण्ड में हमला करते हैं और वो भी पीछे से. यह है इनकी औकात. शेर-दिली. सो आइन्दा खुद को शेर कहने-कहलाने से पहले जरा सोच लेना.तुम तो इंसान हे बने रहो, वो ही काफी है. इडियट.

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