Featured post

भारत का चुनावी ढांचा: SIR विवाद, EVM बनाम बैलेट पेपर और बायोमेट्रिक-आधारित पारदर्शी समाधान

Image
## 1. मुख्य बिंदु और पृष्ठभूमि (Executive Summary) * **SIR की पृष्ठभूमि:** भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान चुनाव आयोग द्वारा 'विशेष सघन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision - SIR) अभियान चलाया गया। * **विवाद की वजह:** इस अभियान के तहत मतदाता सूचियों के गहन सत्यापन के लिए नागरिकों से वर्ष 2002-2004 तक के पुराने दस्तावेज़ मांगे गए और बड़े पैमाने पर नोटिस जारी किए गए। * **जनता की समस्या:** बाढ़, दंगे, पलायन, अनपढ़ता और पुराने वोटर कार्डों में मौजूद स्पेलिंग/उम्र की गलतियों के कारण 20-25 साल पुराने रिकॉर्ड देना आम नागरिकों के लिए अत्यंत कठिन और डरावना साबित हो रहा है। * **मूल प्रश्न:** जब देश में आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, बायोमेट्रिक्स और सर्वव्यापी पहचान डेटाबेस मौजूद हैं, तो कागजी सत्यापन और पुराने रिकॉर्ड्स के झंझट की क्या वास्तव में आवश्यकता है? --- ## 2. वर्तमान SIR प्रणाली की व्यावहारिक समस्याएँ ### क) पुराने दस्तावेज़ों और रिकॉर्ड्स का संकट * **22-25 साल का अंतराल:** 2002 के रिकॉर्ड खंगालना व्यावहारिक नहीं है। बाढ़, आग, प्राकृतिक आप...

गोरों के लगभग हर मुल्क में आग लगी है. उन्हें समझ आ चुका है कोरोना का ड्रामा.

गोरों के लगभग हर मुल्क में आग लगी है. लोग सड़कों पर हैं. उन्हें समझ आ चुका है कोरोना का ड्रामा. कोरोना की आड़ में गुलाम बनाया जा रहा है. कमाने-खाने, घूमने-फिरने, मित्रों-रिश्तेदारों से मिलने की आज़ादी छीनी जा रही है. ठीक से सांस तक लेने का हक छीना जा रहा है. अफ़सोस यह है भारत की इत्ती बड़ी आबादी चूतियों की तरह वैक्सीन ठुकवाये जा रही है. इन का इस आज़ादी की मुहिम में लगभग शून्य योगदान है. कोरोना योद्धा तुम्हारे सरकारी हीरो नहीं हैं, मेरे जैसे लोग हैं जो तुम्हे शुरू से बताते आये हैं कि यह फ्रॉड है. ~ तुषार कॉस्मिक

Comments

  1. Very correct.

    I would have loved to forward a screenshot of this on my groups but for the word "chutiyon"... Even the word is very appropriate

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

Osho on Islam

एक और फ्रॉड